बिना सोचे-समझे और असमय बोलना, अपने ही विनाश का कारण बनता है।

दुष्ट को शरण देना, अपने ही आशियाने में आग लगाने जैसा है।

आकार से कोई बड़ा नहीं होता, सोच और चालाकी से इंसान महान बनता है।

विशाल समंदर पर भारी पड़ा, नन्हीं टिटिहरी का अटूट संकल्प।

अत्याचार का अंत निश्चित है, बस धैर्य और सही रणनीति की ज़रूरत होती है।

बगुले जैसी भक्ति और भीतर कपट का जाल, ऐसे ढोंगियों से बचकर रहो, वरना होना तय है बेहाल।

हर जगह अपनी टांग अड़ाना समझदारी नहीं, मूर्खता की निशानी है।

ज्ञान चाहे कितना भी हो, अगर सतर्कता न हो तो इंसान मात खा ही जाता है।

झूठ की बुनियाद पर खड़ा किया गया साम्राज्य, एक दिन सच की एक ही आवाज से ढह जाता है।

अहंकार गिराता है, और सूझबूझ इंसान को दोबारा उठाती है।

जब सीधापन और चालाकी एक साथ रहने लगें, तो नुकसान हमेशा सीधेपन का ही होता है।

हर ज़ोर की आवाज़ के पीछे कोई बड़ी ताकत नहीं होती, कुछ चीज़ें अंदर से बिल्कुल खाली होती हैं।

जो वक्त रहते संभल गए, वो लहरों को पार कर गए। जो तकदीर के भरोसे बैठे रहे, वो जाल में फंसकर रह गए।

कमजोर को सताने का अंजाम हमेशा बुरा होता है, चाहे सताने वाला कितना ही बलवान क्यों न हो।

ताकत से बड़ा चातुर्य होता है, पर अहंकार में डूबा चातुर्य हमेशा विनाश लाता है।

मूर्खों को ज्ञान बांटने का परिणाम हमेशा खुद का नुकसान ही होता है।

जो मित्र के विश्वास की नींव खोदता है, वह अपने ही पतन का गड्ढा तैयार करता है।

शत्रु की सलाह पर आँख मूँदकर विश्वास करना, स्वयं के विनाश को निमंत्रण देना है।

संसार का यही नियम है - जो जैसा बोएगा, वो वैसा ही काटेगा।

मूर्ख मित्र की अपेक्षा विद्वान्‌ शत्रु ज्यादा अच्छा होता है।

जो अपनी जड़ों को भूल जाते हैं, उनका पतन निश्चित है।

बड़प्पन शक्ति में नहीं, सही समय पर की गई मदद में है।

एक कड़वा बोल, और जन्मों की दुश्मनी।

जब तक आपस में झगड़ोगे, दूसरों के हाथों ठगे जाओगे।

दूसरों की बातों पर आँखें मूँदकर भरोसा करने से पहले, अपनी आँखों पर भरोसा करना सीखें।

शरणागत की रक्षा और अतिथि का सम्मान, अपने प्राणों से भी बढ़कर होता है।

जब सोने के सिक्के की चमक ने बुद्धि और विवेक की आँखों को अंधा कर दिया।

जब चोर और दानव की आपसी फूट ने टाला एक बड़ा अनर्थ।

रूप बदला, भाग्य बदला, पर बदल न पाया असली स्वभाव।

क्या कभी कोई गुफा भी बोलती है? जानिए सियार की अनोखी तरकीब।

एक सूझबूझ भरी कहानी, जो सिखाती है अपनों को सुरक्षित रखना।

एक मीठा कलेजा, एक झूठी दोस्ती और एक जादुई चकमा!

"दुश्मन का दुश्मन हमेशा दोस्त नहीं होता"

दुश्मन की मीठी बातों में जो आ जाते हैं, वो गधे की तरह अपना सब कुछ गंवाते हैं।

दिखावा आपको आगे बढ़ा सकता है, लेकिन आपकी काबिलियत ही आपको टिका सकती है।

बनावटी शान से कोई महान नहीं बनता, पहचान तो अपने स्वभाव से होती है।

झूठ का लिबास चाहे जितना भी सुंदर हो, सच की एक आवाज़ उसे तार-तार कर देती है।

क्या कभी कोई गुफा भी बोलती है? जानिए सियार की अनोखी तरकीब।

एक सूझबूझ भरी कहानी, जो सिखाती है अपनों को सुरक्षित रखना।

एक मीठा कलेजा, एक झूठी दोस्ती और एक जादुई चकमा!

Gyan Sanatan

Hindu Dharm PDF Library

A sacred digital library of authentic Hindu Dharm books. Read, learn and grow spiritually with our collection.

Connect With Us